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Yamuna Expressway
Industrial Development Authority

(U.P. Government Undertaking)

परियोजनाएँ

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर

औद्योगिक पुरालेख
चरण यातायात डिज़ाइन क्षमता
(मिलियन यात्री प्रति वर्ष - MPPA)
परियोजना लागत (अंतिम पूंजीगत व्यय)
(निर्माण अवधि के दौरान ब्याज (IDC) सहित)
(करोड़ रुपये में) (चरण-1)
संचालन अवधि
चरण-I 12 4588 FY23-FY27
चरण-II 30 5983 FY31-FY32
चरण-III 50 8415 FY36-FY37
चरण-IV 70 10575 FY40-FY50
कुल 29561

उत्तर प्रदेश सरकार ने जेवर में एक ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास की परिकल्पना की है। इस हवाई अड्डे के विकसित होने से आगरा, मथुरा, गौतम बुद्ध नगर आदि शहर वैश्विक विमानन नेटवर्क से जुड़ेंगे। इससे क्षेत्र में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा तथा आंतरिक क्षेत्रों के उद्योग वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) से जुड़ सकेंगे। बेहतर हवाई संपर्कता से पर्यटन क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे वर्तमान पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी तथा नए पर्यटन केंद्रों के विकास के अवसर सृजित होंगे। प्रस्तावित हवाई अड्डा दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर बढ़ते यातायात भार को कम करने में भी सहायक होगा, जो शीघ्र ही अपनी अधिकतम यात्री वहन क्षमता तक पहुँचने की संभावना रखता है।

यह हवाई अड्डा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। प्रस्तावित योजना के अनुसार, वर्ष 2024 तक दो रनवे वाले हवाई अड्डे का निर्माण किया जाना है, जिसे भविष्य में लगभग 7,200 एकड़ (2,900 हेक्टेयर) क्षेत्रफल में छह रनवे वाले अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रूप में विस्तारित किया जाएगा। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 26 नवम्बर 2021 को जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की आधारशिला रखी। इस परियोजना के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा लगभग 5,100 हेक्टेयर (13,000 एकड़) भूमि चिन्हित की गई है। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी (Zurich Airport International AG) का चयन रियायतधारी/विकासकर्ता (Concessionaire/Developer) के रूप में किया गया है। परियोजना के प्रथम चरण का क्षेत्रफल 1,233.4 हेक्टेयर है। हवाई अड्डे के वर्ष 2023-24 के दौरान परिचालन प्रारंभ होने की परिकल्पना की गई थी, जो इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे की अधिकतम यातायात वहन क्षमता तक पहुँचने से लगभग दो वर्ष पूर्व निर्धारित थी।

संपर्कता

प्रस्तावित स्थल राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से सुगम रूप से जुड़ा हुआ है। यह स्थल राज्य राजमार्ग SH-22A (पलवल–अलीगढ़ मार्ग) से लगभग 30 किलोमीटर तथा यमुना एक्सप्रेसवे से लगभग 700 मीटर की दूरी पर स्थित है। हवाई अड्डे को दक्षिण दिशा में प्रस्तावित पलवल–खुर्जा एक्सप्रेसवे से भी जोड़े जाने की योजना है। इसके अतिरिक्त, 100 मीटर चौड़ा ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, जो फॉर्मूला-1 ट्रैक के निकट यमुना एक्सप्रेसवे से होकर गुजरता है, इस स्थल को पलवल, मानेसर, गाज़ियाबाद, बागपत तथा मेरठ से सुगम संपर्क प्रदान करता है।