यमुना एक्सप्रेसवे
औद्योगिक विकास
प्राधिकरण के बारे में

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में औद्योगिक एवं संबद्ध गतिविधियों के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 अधिनियमित किया। इस अधिनियम के अंतर्गत दिल्ली से सटे अधिसूचित क्षेत्रों के व्यवस्थित एवं नियोजित विकास के लिए नोएडा (NOIDA), ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNOIDA) तथा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की स्थापना की गई। यदि इन क्षेत्रों का नियोजित विकास न किया जाता, तो वे अनियंत्रित एवं अवैध शहरी विस्तार के प्रति संवेदनशील हो सकते थे। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र के निकट स्थित नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा दो प्रमुख विकासशील नगरियाँ हैं, जिनका इस क्षेत्र के समग्र विकास एवं भविष्य की विकास गतिविधियों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है।
विश्व के सात आश्चर्यों में से एक ताजमहल, जो आगरा में स्थित है, भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। वर्तमान में आगरा, दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा लगभग 210 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और आगरा के मध्य बेहतर संपर्क स्थापित करने तथा ताजमहल पर्यटन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निरंतर प्रयासरत रही है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु वर्ष 2001 में यमुना एक्सप्रेसवे (पूर्व नाम: ताज एक्सप्रेसवे) की परिकल्पना की गई। इस परियोजना के अंतर्गत नोएडा एवं आगरा के बीच यमुना नदी के पूर्वी तट पर लगभग 165 किलोमीटर लंबा तथा 100 मीटर चौड़ा एक्सप्रेसवे विकसित करने की योजना बनाई गई, जिससे यात्रा के समय में उल्लेखनीय कमी लाकर यात्रा अवधि को लगभग 100 मिनट तक सीमित किया जा सके। छह लेन (भविष्य में आठ लेन तक विस्तारणीय) एवं पूर्णतः नियंत्रित प्रवेश (Access Controlled) सुविधा-युक्त यमुना एक्सप्रेसवे न केवल तीव्र एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेगा, बल्कि यमुना नदी के पूर्वी तट पर व्यापक शहरी एवं औद्योगिक विकास के नए अवसर भी सृजित करेगा।
यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना तथा क्षेत्र में संबद्ध विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या-6, 1976) के अंतर्गत दिनांक 24 अप्रैल, 2001 की अधिसूचना संख्या 697/77-4-2001-3(एन)/2001 द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (पूर्व नाम: ताज एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) का गठन किया। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी विभिन्न अधिसूचनाओं के माध्यम से गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, हाथरस, मथुरा तथा आगरा जनपदों के कुल 1,187 ग्रामों को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में सम्मिलित किया गया है।
| जनपद | तहसील | अधिसूचित ग्राम | क्षेत्रफल (हेक्टेयर) |
|---|---|---|---|
| गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर | गौतमबुद्ध नगर में सदर एवं जेवर, तथा बुलंदशहर में सिकन्द्राबाद एवं खुर्जा | 171 (गौतमबुद्ध नगर में 131 एवं बुलंदशहर में 40) | 58,397 (गौतमबुद्ध नगर में 45,383 एवं बुलंदशहर में 13,014) |
| अलीगढ़ | खैर | 105 | 34,291 |
| मथुरा | सदर एवं मांट | 431 | 75,751 |
| हाथरस | सादाबाद, हाथरस एवं सासनी | 420 | 88,968 |
| आगरा | सदर एवं एत्मादपुर | 60 | 11,455 |
| कुल | 1,187 | 2,68,862 |
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) का मुख्य उद्देश्य अधिसूचित क्षेत्र के नियोजित एवं तीव्र औद्योगिक विकास को सुनिश्चित करना है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्राधिकरण उपलब्ध क्षमताओं के संवर्धन, निवेश को प्रोत्साहन, तथा विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे से युक्त सतत परिवेश के निर्माण के माध्यम से क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति को बढ़ावा देगा।
प्राधिकरण के प्रमुख कार्य हैं
- एक्सप्रेसवे के निर्माण एवं क्षेत्र के विकास हेतु भूमि का अधिग्रहण।
- यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना का प्रभावी क्रियान्वयन।
- औद्योगिक विकास क्षेत्र के सुनियोजित विकास हेतु मास्टर प्लान का निर्माण एवं क्रियान्वयन।
- जल निकासी, फीडर सड़कें, विद्युत आपूर्ति तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास।