यीडा (YEIDA) मास्टर प्लान 2041
एक सतत, दक्ष, सुदृढ़ संपर्क-सुविधाओं से युक्त एवं वैश्विक स्तर पर पहचान रखने वाला ऐसा शहर, जो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा इकोनॉमिक कॉरिडोर से उत्पन्न आर्थिक अवसरों का लाभ उठाते हुए अपने नागरिकों के लिए उच्च जीवन स्तर सुनिश्चित करे।
मुख्य विशेषताएँ
- ग्रीनफील्ड सिटी के लिए सुव्यवस्थित एवं संतुलित शहरी स्वरूप का विकास।
- एयरपोर्ट सिटी-साइड विकास हेतु पर्याप्त भूमि एवं स्थान का प्रावधान।
- संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना तथा क्षेत्रीय योजना के अनुरूप विकास करना।
- शहर की सीमाओं के भीतर यातायात की मांग को नियंत्रित करने के लिए उच्च कंटेनमेंट अनुपात का प्रावधान।
- आस-पास के शहरी क्षेत्रों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए नवीन नियोजित ग्रीनफील्ड सिटी का सतत विकास।
- गतिशील एवं बदलती बाजार परिस्थितियों के अनुरूप भूमि उपयोग में आवश्यक लचीलापन सुनिश्चित करना।
- औद्योगिक श्रमिकों के लिए किफायती आवास को प्राथमिकता प्रदान करना।
- मेट्रो नियो, बस सेवा, गैर-मोटर चालित परिवहन (NMT), साइकिल ट्रैक, पैदल मार्ग एवं इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट (IPT) के माध्यम से एकीकृत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली का विकास।
- विश्वस्तरीय अवसंरचना एवं प्रतिष्ठित पैदल भ्रमण मार्ग (Promenade) सहित शहर-स्तरीय प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र के माध्यम से शहर की विशिष्ट पहचान स्थापित करना।
- परिधीय मार्गों के माध्यम से भारी औद्योगिक वाहनों के सुगम आवागमन एवं यातायात प्रबंधन की व्यवस्था।
- औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु हवाई अड्डे के निकट आधुनिक लॉजिस्टिक सुविधाओं का विकास।
- मौजूदा ग्रामों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए शहर के साथ एकीकरण।
- यमुना नदी, जलाशयों एवं नहरों के किनारे हरित बफर क्षेत्र का विकास एवं संरक्षण।
उद्देश्य
- एयरोट्रोपोलिस एवं उपनगरों के विकास के माध्यम से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा रोजगार के व्यापक अवसर सृजित करना।
- उच्च गुणवत्ता वाली एवं किफायती आधारभूत संरचना उपलब्ध कराते हुए नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित करना।
- सुरक्षित, विश्वसनीय, किफायती एवं पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराना।
- संस्कृति, सार्वजनिक जीवन एवं उत्कृष्ट शहरी परिवेश के माध्यम से शहर की विशिष्ट एवं आकर्षक पहचान विकसित करना।
यीडा (YEIDA) मास्टर प्लान 2041 – पहला चरण
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Industrial Sectors Plan
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा इस योजना की परिकल्पना क्षेत्र के सुनियोजित एवं संतुलित विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है। इस परियोजना का मुख्य ध्येय औद्योगिक विकास को प्रोत्साहित करना तथा उत्तर प्रदेश एवं निकटवर्ती क्षेत्रों से होने वाले संभावित जनसंख्या प्रवाह (In-migration) के दृष्टिगत आवश्यक आधारभूत सुविधाओं व नियोजित शहरीकरण का प्रावधान करना है। इसके प्रथम चरण में संपूर्ण अधिसूचित क्षेत्र हेतु एक परिप्रेक्ष्य योजना (Perspective Plan) तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र (गौतम बुद्ध नगर एवं बुलंदशहर जनपद के कतिपय भागों) हेतु प्रारूप मास्टर प्लान–2031 तैयार किया गया है।
यीडा क्षेत्र की परिकल्पना एक ऐसे सुव्यवस्थित एवं समेकित औद्योगिक क्षेत्र के रूप में की गई है, जहाँ उद्योग क्षेत्र की प्रमुख आर्थिक गतिविधि के रूप में विकसित होंगे। इसके साथ-साथ उद्योगों से संबद्ध ज्ञान-आधारित संस्थानों, आवासीय एवं वाणिज्यिक क्षेत्रों तथा अन्य आवश्यक उपयोगों का समेकित विकास किया जाएगा, जिससे एक संतुलित, समग्र एवं आधुनिक शहरी स्वरूप का निर्माण हो सके। यमुना एक्सप्रेसवे पर स्थित होने तथा दिल्ली एवं आगरा जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों से बेहतर संपर्क के कारण यह क्षेत्र व्यापार, वाणिज्य एवं पर्यटन-आधारित आर्थिक गतिविधियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित होने की पर्याप्त संभावनाएँ रखता है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र के आसपास स्थित अनेक शैक्षणिक संस्थानों को ध्यान में रखते हुए, यीडा क्षेत्र को क्षेत्रीय एवं स्थानीय स्तर पर शिक्षा तथा संस्थागत विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भी विकसित करने की परिकल्पना की गई है।
इस विकास योजना का दृष्टिकोण (Vision) क्षेत्र की विकास क्षमता का सतत एवं संतुलित उपयोग करते हुए औद्योगिक गतिविधियों, आवासीय एवं मनोरंजन सुविधाओं को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के साथ विकसित करना है। साथ ही, पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों का संरक्षण सुनिश्चित करते हुए आर्थिक विकास एवं पर्यावरणीय संतुलन के बीच समन्वय स्थापित करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।