यमुना एक्सप्रेसवे की आधारभूत संरचना
165 किलोमीटर लंबा यमुना एक्सप्रेसवे दिल्ली और आगरा जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थलों को जोड़ता है। यमुना एक्सप्रेसवे 6 लेन वाला, 8 लेन तक विस्तारित किए जाने योग्य एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है। YEIDA के अधिसूचित क्षेत्र में लगभग 2,689 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र सम्मिलित है, जो छह जिलों में विस्तृत है और जिसका विकास दो चरणों में किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश राज्य में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 25,000 हेक्टेयर भूमि पर YEIDA क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। इस क्षेत्र में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी सम्मिलित है, जिसे भारत के सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही यहाँ F1 ट्रैक (बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट), एक स्पोर्ट्स सिटी, एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम तथा भारत की सबसे बड़ी प्रस्तावित फिल्म सिटी भी है।
YEIDA के विकास पर अनेक प्रमुख आधारभूत संरचना परियोजनाओं का प्रभाव पड़ता है, जिनमें गोल्डन क्वाड्रिलैटरल, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, वेस्टर्न एवं ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) तथा आसपास के DMIC इन्वेस्टमेंट नोड आदि शामिल हैं।
बिजली
इस क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति के प्रमुख स्रोतों में से एक NTPC का दादरी कोयला एवं गैस आधारित विद्युत संयंत्र है। YEIDA क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए प्राधिकरण द्वारा सुनियोजित विद्युत अवसंरचना के विकास की पहल की जा रही है। मानचित्र में इस क्षेत्र में प्रस्तावित विद्युत उपकेंद्रों को दर्शाया गया है।

| क्र.सं. | विद्युत उपकेंद्र का प्रकार | मानचित्र पर विद्युत उपकेंद्र संख्या | विद्युत उपकेंद्र की स्थिति |
|---|---|---|---|
| 1 | 765/400/220 केवी | (1) | संचालित |
| 2 | 400/220/132 केवी | (4) | निर्माणाधीन |
| 3 | 220/132/33 केवी | (9), (1) | निर्माणाधीन |
गैस
गेल (GAIL) का गैस पाइपलाइन नेटवर्क (हजीरा–विजयपुर–जगदीशपुर) उत्तर प्रदेश से होते हुए YEIDA अधिसूचित क्षेत्र के समीप से गुजरता है। क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक विकास को गति देने तथा स्वच्छ ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु आईजीएल (IGL) द्वारा गैस ग्रिड का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है, जिससे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों तक पाइपलाइन द्वारा गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके (IIIP, 2012)।

पानी
NCR से होकर यमुना, हिंडन और काली सहित चार बारहमासी नदियाँ प्रवाहित होती हैं तथा गंगा इसकी पूर्वी सीमा के किनारे बहती है। इस क्षेत्र में जलापूर्ति के प्रमुख स्रोत सतही जल एवं भूजल हैं, जिनमें नदियाँ, नहरें, ट्यूबवेल, हैंडपंप तथा खुले कुएँ शामिल हैं।

नागरिक कार्य
लगभग 425.9 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत सेक्टर-17ए को संस्थागत एवं आवासीय गतिविधियों हेतु नियोजित किया गया है। प्राधिकरण द्वारा सेक्टर में आंतरिक एवं बाह्य बुनियादी ढाँचे का विकास—जिसमें 120 मीटर व 30 मीटर चौड़ी सड़कें, सीवर नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम, निर्बाध पेयजल एवं विद्युत आपूर्ति सम्मिलित हैं—सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही, 3,000 केएल (KL) क्षमता के भूमिगत जलाशय (UGR) का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में इस सेक्टर में 14 संस्थागत, 1 मनोरंजनात्मक (रिक्रिएशनल), 1 टाउनशिप तथा कॉर्पोरेट कार्यालयों के उपयोग हेतु 27 से अधिक भूखंड उपलब्ध हैं।
लगभग 1,846 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विस्तृत यह एक प्रमुख आवासीय सेक्टर है, जिसे सुव्यवस्थित विकास हेतु विभिन्न पॉकेट्स में विभाजित किया गया है। सेक्टर-18 के अंतर्गत कुल 12,748 आवासीय भूखंड नियोजित हैं। यहाँ आंतरिक व बाह्य बुनियादी ढांचे के विकास कार्य—जिसमें सड़क निर्माण, सीवर नेटवर्क, जल निकासी प्रणाली तथा विद्युतीकरण शामिल हैं—वर्तमान में प्रगति पर हैं। जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 2,700 किलोलीटर (KL) तथा 2,400 किलोलीटर (KL) क्षमता के उपरिगामी जलाशयों (OHT) एवं 4 नलकूपों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।

लगभग 1,485 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विस्तृत सेक्टर-20 एक प्रमुख आवासीय सेक्टर है, जिसमें कुल 10,981 आवासीय भूखंड नियोजित किए गए हैं। सुव्यवस्थित प्रबंधन हेतु इसे 19 पॉकेट्स में विभाजित किया गया है। वर्तमान में यहाँ आंतरिक व बाह्य नागरिक अवसंरचना—जिसमें सड़कें, सीवर लाइन, ड्रेनेज सिस्टम, निर्बाध पेयजल एवं विद्युत नेटवर्क शामिल हैं—के विकास कार्य प्रगति पर हैं। जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 4 उपरिगामी जलाशयों (OHT) तथा 8 नलकूपों (ट्यूबवेल) का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।



सेक्टर-22D लगभग 440.8 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाला आवासीय, टाउनशिप एवं ग्रुप हाउसिंग सेक्टर है। इस सेक्टर में लगभग 5,100 किफायती आवास, 1,320 निम्न आय वर्ग (LIG) आवास तथा 768 मध्यम आय वर्ग (MIG) आवासों का निर्माण दुकानों एवं कार्यालय परिसरों के साथ किया गया है। आंतरिक एवं बाह्य अवसंरचना विकास कार्य, जैसे सीवर नेटवर्क, जल निकासी प्रणाली, सड़क निर्माण तथा विद्युत आपूर्ति से संबंधित कार्य प्रगति पर हैं। एक ओवरहेड जलाशय (OHT) एवं तीन भूमिगत जलाशयों (UGR) का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।
सेक्टर-22E लगभग 345 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाला संस्थागत एवं कॉर्पोरेट कार्यालय (वाणिज्यिक) सेक्टर है। इस सेक्टर में कुल 73 संस्थागत भूखंड, 3 सुविधा (फैसिलिटी) भूखंड तथा 16 कॉर्पोरेट कार्यालयों के लिए भूखंड उपलब्ध हैं। आंतरिक एवं बाह्य अवसंरचना विकास कार्य, जैसे सड़क निर्माण, सीवर नेटवर्क, जल निकासी प्रणाली, पेयजल आपूर्ति तथा विद्युत आपूर्ति से संबंधित कार्य प्रगति पर हैं। एक ओवरहेड जलाशय (OHT) एवं तीन भूमिगत जलाशयों (UGR) का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है।
लगभग 697 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विस्तृत यह प्रमुखतः एक औद्योगिक सेक्टर है, जिसमें कुल 42 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं। इस सेक्टर में धर्मपाल सत्यपाल लिमिटेड, वीवो मोबाइल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तथा पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड जैसी प्रमुख इकाइयों को भूखंड आवंटित किए गए हैं। यहाँ आंतरिक व बाह्य नागरिक अवसंरचना—जिसमें सड़कें, सीवर नेटवर्क, जल निकासी प्रणाली, पेयजल तथा विद्युत आपूर्ति सम्मिलित हैं—का विकास कार्य आंशिक रूप से पूर्ण हो चुका है। इसके अतिरिक्त, जलापूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु 2,600 किलोलीटर (KL) क्षमता के भूमिगत जलाशय (UGR) एवं 2,500 किलोलीटर (KL) क्षमता के उपरिगामी जलाशय (OHT) का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।


सेक्टर-26A: सेक्टर-26ए को मुख्य रूप से 1 टाउनशिप परियोजना एवं 2 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं हेतु नियोजित किया गया है। सुगम आवागमन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्राधिकरण द्वारा इन परियोजनाओं के सम्मुख 60 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।
सेक्टर-26B: सेक्टर-26बी एक प्रमुख संस्थागत सेक्टर है, जो 100 मीटर चौड़े यमुना एक्सप्रेसवे के समानांतर 30 मीटर चौड़े मार्ग पर अवस्थित है। इस सेक्टर के अंतर्गत 100 एकड़ क्षेत्रफल में एक वृहद संस्थागत भूखंड नियोजित है। वर्तमान में यहाँ सड़क नेटवर्क, ड्रेनेज सिस्टम तथा सीवर लाइन सहित सभी आवश्यक बाह्य नागरिक अवसंरचनात्मक कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
लगभग 670 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विस्तृत यह एक प्रमुख औद्योगिक सेक्टर है। इस सेक्टर को मुख्य रूप से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), परिधान (Apparel Park) तथा हस्तशिल्प इकाइयों के लिए चिन्हित कर भूखंड नियोजित किए गए हैं। सुगम परिवहन सुनिश्चित करने हेतु सेक्टर में 45 मीटर, 30 मीटर एवं 24 मीटर चौड़े मार्ग प्रस्तावित हैं। वर्तमान में यहाँ आंतरिक नागरिक अवसंरचना—सड़क निर्माण, सीवर लाइन, आरसीसी जल निकासी नालियाँ तथा निर्बाध पेयजल आपूर्ति संबंधी कार्य—प्रगति पर हैं।



लगभग 497.5 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित यह एक सुव्यवस्थित औद्योगिक सेक्टर है, जिसके अंतर्गत कुल 1,888 औद्योगिक भूखंड नियोजित किए गए हैं। प्राधिकरण द्वारा इस सेक्टर में आंतरिक एवं बाह्य नागरिक अवसंरचना—जिसमें सड़कें, सीवर नेटवर्क, जल निकासी प्रणाली, पेयजल तथा विद्युतीकरण शामिल हैं—का विकास कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, 2 नलकूपों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा जलापूर्ति को सुदृढ़ बनाने हेतु 2,600 किलोलीटर (KL) क्षमता के भूमिगत जलाशय (UGR) का निर्माण प्रगति पर है।






यमुना एक्सप्रेसवे से लगभग 13.80 किमी लंबाई तक इस मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। एक्सप्रेसवे के दाईं ओर विकसित 8.80 किमी हिस्से के संरेखण में प्रमुख ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएँ, औद्योगिक इकाइयाँ (जैसे वीवो मोबाइल इंडिया, पतंजलि फूड प्रोसेसिंग) तथा संस्थागत भूखंड अवस्थित हैं। दोनों ओर आवासीय व संस्थागत सेक्टरों को जोड़ने वाला यह मार्ग नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक निर्बाध आवागमन हेतु मुख्य संपर्क मार्ग (Arterial Road) है।
(ख) 100 मीटर चौड़ा संपर्क मार्गयमुना एक्सप्रेसवे से लगभग 3.50 किमी लंबाई तक सड़क निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह मार्ग बाईं ओर सेक्टर-18 तथा दाईं ओर सेक्टर-20 के आवासीय भूखंडों को कनेक्टिविटी प्रदान करता है। वर्तमान में इस मार्ग पर डीबीएम (DBM) एवं बीसी (BC) कोलतार परत बिछाने का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा ड्रेनेज नेटवर्क से संबंधित कार्य प्रगति पर हैं।
